एषा का अर्थ (Esha Ka Arth) Meaning of Eshaa in Sanskrit

एषा का अर्थ

संस्कृत मेंहिंदी में (In Hindi)इंग्लिश में (In English)
एषायह (स्त्रीलिंग)This or She

संस्कृत मे एषा का प्रयोग स्त्रीलिंग के लिए किया जाता है और पुल्लिंग के लिए एषः का। एषा और एषः का प्रयोग जब व्यक्ति आपके समीप या नजदीक हो तब किया जाता है। जब वह आपसे दूर हो तब सः और सा का इस्तेमाल किया जाता है।

[ In Sanskrit, एषा (Esha)  is used for Feminine form, and for Masculine formएषः (Eshah) is used. Esha and Eshah is used when a person is near or close to you. When a person is far away, then Saha and Saa are used. ]

एषा का अर्थ

संस्कृत भाषा में एषा का अर्थ होता है यह। (स्त्रीलिंग के लिए)

उदाहरण से समझते है:

यदि कोई व्यक्ति (स्त्रीलिंग) वह आपके करीब या निकट आती है तो आप उस व्यक्ति को इस तरह से इशारा करेंगे,

एषा का? (यह कौन है?)
उत्तर: एषा फाल्गुनी (यह फाल्गुनी है)

Also Read:
⚫ का का अर्थ (Kaa Ka Arth)
⚪ कः का अर्थ (Kaha Ka Arth)


In the Sanskrit language, the meaning of Esha (एषा) is This or She.

Let’s understand by an example:

If there is a person (feminine gender) and she comes near or close to you, then you will point her in this way,

Esha Kaha (एषा का)? == Who is This? or Who is She?
Esha Falguni (एषा फाल्गुनी) == This is Falguni or She is Falguni.

Also Read:
⚫ किमर्थम् का अर्थ (Kimartham Ka Arth)

नमस्ते। धन्यवादः!!

Leave a comment